चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले नगर निगम की आज अंतिम बैठक थी। जिसका कांग्रेस के पार्षदों ने बाॅयकाॅट किया।

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चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले नगर निगम की आज अंतिम बैठक थी।  जिसका कांग्रेस के पार्षदों ने बाॅयकाॅट किया। कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि आज गुरूपूर्व की छुट्टी वाले दिन बैठक बुलाना अनिवार्य नहीं था मेयर अपनी मनमर्जी कर रहे हैं तो वहीं मेयर सूद का कहना था कि कई महत्वपूर्ण एजेंडों को इस बैठक में पास कराया जाना जरूरी था वरना एजेंडे जनवरी तक के लिए लटक जाते। सोमवार को नगर निगम की चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले अंतिम बैठक थी। बैठक निगम कार्यालय के पांचवे फ्लोर पर बने नए सदन में हुई। निगम की इस बैठक को पहले 12 बजे बुलाया गया था लेकिन नए बने सदन का कार्य तब तक जारी था। सदन मे ंकई जगह रैनोवेशन का कार्य अधूरा पड़ा था। जिस पर निगम के अधिकारी उन अधूरे कार्यों को करवाने पर लगे हुए थे। जिसके बाद बैठक का समय 2 बजे का रखा गया। लेकिन निगम की यह बैठक 2.40 पर जाकर शुरू हो पाई। उसके बाद जाकर कहीं सदन की बैठक शुरू हुई। निगम की इस बैठक का कांग्रेस के पार्षदों ने बायकाॅट किया। तो भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह और अकाली भाजपा पार्षद हरदीप सिंह के साथ साथ दो मनोनित पार्षदों ने भी इस बैठक में नहीं आए। मेयर अरूण सूद ने कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मोहर लगाई गई है। जिन्हें पास करवाया जाना जरूरी था अगर उन एजेंड़ों को अब पास न करवाया जाता तो वह काम जनवरी माह तक नहीं हो पाते।

बाइट – मेयर अरूण सूद, नगर निगम चंडीगढ़

वहीं कांग्रेस के पार्षद सुभाष चावला ने कहा कि मेयर सूद अपनी मनमर्जी कर रहे हैं। 20 वर्षों के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि छुट्टी वाले दिन निगम की बैठक बुलाई गई हो। यह सब चुनावों के दौरान वोट लेने के लिए मेयर द्वारा किया जा रहा है।

बाइट – सुभाष चावला, पार्षद, कांग्रेस

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