उड़ी आतंकी हमले के 9 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान में 9 और 10 नवंबर में होने वाली 19th सार्क समिट में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। न तो पीएम नरेंद्र मोदी इस्लामाबाद जाएंगे और न ही भारत की तरफ से कोई और इसमें शामिल होगा।

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ऑय 1 न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली.

उड़ी आतंकी हमले के 9 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान में 9 और 10 नवंबर में होने वाली 19th सार्क समिट में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। न तो पीएम नरेंद्र मोदी इस्लामाबाद जाएंगे और न ही भारत की तरफ से कोई और इसमें शामिल होगा। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान भी इस समिट का बायकॉट करेंगे। बता दें कि 18 सितंबर को उड़ी आतंकी हमले में भारत के 18 जवान शहीद हो गए थे। तभी से भारत पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग करने के लिए एक मुहिम चल रहा है। उधर, पाकिस्तान ने भारत के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। क्या कहना है भारत का…न्यूज एजेंसी के मुताबिक, फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन विकास स्वरूप ने मंगलवार रात सरकार के इस फैसले के बारे में जानकारी दी। भारत ने इस्लामाबाद सार्क समिट को हेड कर रहे नेपाल को भी अपने फैसले के बारे में बता दिया है।इसमें कहा गया है- “उड़ी हमले के बाद बने हालातों को देखते हुए भारत समिट में शामिल नहीं हो सकता है। सीमा पार से आतंकवादी हमले किए जा रहे हैं और सार्क मेंबर्स देशों के अंदरूनी मामलों में दखल दिया जा रहा है।यह काम इस रीजन के एक देश की ओर से हो रहा है। इस देश ने ऐसा माहौल बना दिया है कि समिट सफल नहीं हो सकती है। भारत रीजनल को-ऑपरेशन और कनेक्टिविटी के अपने वादे पर हमेशा भरोसा रखता है, लेकिन इन मामलों में तभी आगे बढ़ सकते हैं, जब आतंक से फ्री माहौल हो। विकास स्वरूप ने इस बारे में एक ट्वीट कर कहा- “रीजनल को-ऑपरेशन और टेरर एक साथ नहीं चल सकते। पाकिस्तान का क्या कहना है पाकिस्तान फॉरेन मिनिस्ट्री ने बयान जारी कर कहा है- “हमें इस बारे में अभी तक कोई ऑफिशयल जानकारी नहीं दी गई है। भारत का सार्क समिट में शामिल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान शांति और रीजनल को-ऑपरेशन के लिए कमिडेट है। वह इस रीजन के लोगों के हित में काम करता रहेगा। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान भी कर सकते हैं बायकॉट सूत्रों के मुताबिक, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान भी सार्क समिट में हिस्सा नहीं लेंगे। छ समय पहले भारत में अफगानिस्तान के राजदूत एसएम अब्दाली ने कहा था कि पाकिस्तान को डायरेक्ट मैसेज देने का समय आ गया है। भले ही नवंबर में सार्क सम्मेलन का बायकॉट क्यों न करना पड़े। स्लामाबाद में तीसरी बार हो रहा है सार्क समिट यह तीसरा मौका है जब इस्लामाबाद में यह समिट हो रही है। हालांकि पहली बार भारत इस समिट में शामिल नहीं होगा। 1988 में राजीव गांधी शामिल हुए थे। इसके बाद 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी ने शिरकत की थी।क्या है सार्कSAARC (साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल को-ऑपरेशन) साउथ एशिया के 8 देशों का इकोनॉमिक और पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन है।इसकी शुरुआत 8 दिसंबर, 1985 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुई थी। भारत अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान इसके मेंबर्स हैं।

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