हिमाचल प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

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दिनाक 15अगस्त शिमला ,सोलन सन्दीप कुमार  हिमाचल प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण मुख्यमंत्री ने की कर्मचारियों व पेंशनरों को 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते की घोषणा राज्य के विकास में कर्मचारियों की अहम भूमिका 70वां स्वतंत्रता दिवस आज समूचे हिमाचल प्रदेश में हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य, जिला तथा उप मण्डल स्तर पर समारोहों का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय ध्वजारोहण, पुलिस, गृह रक्षा, एनसीसी, आईटीबीपी के जवानों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोहों के मुख्य आकर्षण रहें। पारम्परिक परिधानों में सुसज्जित बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही समारोह स्थल पर पहुंचना शुरू हो गए थे।मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोलन में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्य सरकार के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को पहली जनवरी, 2016 से 6 प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान करने की घोषणा की। यह भत्ता अक्तूबर माह के वेतन से नकद मिलेगा। कर्मचारियों तथा पेंशनरों को 5 प्रतिशत अंतरिम राहत पहले ही अगस्त, 2016 से प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दिन से हमारी सरकार सत्ता में आई है, हमारी सरकार का ध्येय हिमाचल के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं तथा सड़क सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ उनका कल्याण सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि विकास को नई दिशा प्रदान करने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि ‘शिक्षा विकसित समाज की रीढ़ है, और इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक बच्चे को बुनियादी एवं गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर उसे सशक्त बनाना मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है’। शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य में 1010 नई पाठशालाएं खोली अथवा स्तरोन्नत की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के दो वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में आधुनिक बुनियादी एवं शिक्षण सुविधाएं प्रदान करने के लिए ’मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना’ आरम्भ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा का संबंध है, राज्य में विशेषकर ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में 24 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, 2 इंजीनियरिंग कालेज तथा 41 कालेज खोले गए हैं, जिससे इन क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा में क्रांति आई है। राज्य सरकार के वर्तमान कार्यकाल के दौरान ऊना जिले में भारतीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी), सिरमौर जिले में भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम) तथा शिमला जिले में ललित कला महाविद्यालय खोले गए हैं, जिनसे युवाओं को पसंदीदा व्यावसायिक पाठ्यक्रम चुनने के और विकल्प उपलब्ध हुए हैं। वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमें प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करने की आवश्यकता है, ताकि वह अपने जीवन में रोजगार एवं स्वरोजगार प्राप्त करने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि महज गत साढ़े तीन वर्षों के दौरान हमारी सरकार ने अकेले सरकारी क्षेत्र में 41,500 नौकरियां प्रदान की हैं, तथा हजारों दिहाड़ीदारों की सेवाएं नियमित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास भत्ता योजना के अन्तर्गत राज्य में 1.27 लाख युवाओं को लाभान्वित किया गया है। योजना के अन्तर्गत बेरोजगार युवाओं को उनकी रूचि के अनुरूप व्यवसाय में उनके कौशल उन्नयन के लिए 1000 रुपये तथा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को 1500 रुपये प्रतिमाह भत्ता प्रदान किया जा रहा है, और इसपर 93 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान 135 स्वास्थ्य संस्थान खोले अथवा स्तरोन्नत किए गए हैं, जबकि पिछली सरकार केे कार्यकाल के दौरान केवल 28 संस्थान खोले गए थे। इसी अवधि के दौरान वर्तमान सरकार ने चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाॅफ सहित विभिन्न श्रेणियों के 2500 से अधिक पद भरे हैं, जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान केवल 473 पदों का सृजन किया गया था। उन्होंने कहा कि हमीरपुर, चम्बा तथा सिरमौर जिलों में तीन मेडिकल कालेज खोले जा रहे हैं, और राज्य के लिए एम्स स्वीकृत किया गया है, जिसे बिलासपुर जिले में खोला जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने मण्डी के नेरचैक स्थित ईएसआईसी मेडिकल कालेज को अपने अधीन लिया है, और अब राज्य में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमें लम्बी लड़ाई एवं कड़े संघर्ष के उपरान्त आजादी हासिल हुई है और स्वतंत्रता संघर्ष में हिमाचल प्रदेश के लोगों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मैं, इस दिवस पर राज्य के लोगों को दिल की गहराईयों से बधाई देता हूं तथा हिमाचल प्रदेश के संस्थापक एवं प्रथम मुख्यमंत्री डा. यशवन्त सिंह परमार को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने राज्य को अलग दर्जा दिलाने के लिए न केवल कड़ा संघर्ष किया, बल्कि राज्य विकास की एक मजबूत नींव भी रखीं। उन्होंने देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा लोगों का कल्याण उनकी सरकार की एजेंडे में सर्वोपरि है। राज्य में 3.87 लाख से अधिक पात्र विधवाओं, बुजुर्गों तथा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को 650 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। 80 वर्ष की आयु से ऊपर के लोगों तथा 45 वर्ष आयु से कम विधवाओं को 1200 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की दिहाड़ी 150 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये की गई है। समस्त अनुबन्ध कर्मचारियों तथा दैनिक भोगियों, जिन्होंने क्रमशः 5 तथा 7 वर्ष का नियमित कार्यकाल पूरा कर लिया गया है, की सेवाओं को नियमित किया जा रहा है। अशंकालीन जलवाहकों, जल संरक्षकों, सिलाई अध्यापकों, ग्राम विद्या उपासकों, गृह रक्षकों तथा पंचायत चैकीदारों के मानदेय में आशातीत वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को गरीब एवं पात्र व्यक्तियों को ही बीपीएल सूची में सम्मिलित करना चाहिए तथा अति गरीब व्यक्तियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए संस्तुति करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत साढ़े तीन वर्षांे के दौरान राज्य खाद्य अनुदान योजना के अन्तर्गत अनुदान दरों पर दालें, खाद्य तेल तथा नमक प्रदान करने पर 667 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। उन्होंने कहा कि सस्ती दरों पर राशन सहित ‘राजीव अन्न योजना’ के अन्तर्गत राज्य के 37 लाख से अधिक लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। वीरभद्र सिंह ने सोलन जिले में हुए विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि सोलन में 26 करोड़ की लागत से मिनी सचिवालय का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एक छत्त के नीचे लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए अधिक से अधिक कार्यालय स्थापित होंगे। इसके अतिरिक्त, शामती बाईपास सड़क के लिए 5.41 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। धर्मपुर, दिग्गल, बरोटीबाला तथा कण्डाघाट में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलन जिले में 243 नए उद्योग स्थापित किए गए हैं, जिनमें 4500 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। जिले में 144 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है, जिनसे 1894 गांवों को सड़क सुविधा उपलब्ध हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों, सिपाहियों तथा पूर्व सैनिकों के सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने इनकी ‘सम्मान राशि’ को 7500 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये तथा उनकी विधवाओं और अविवाहित लड़कियों की सम्मान राशि 3500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह की गई है। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा पुलिस, गृह रक्षा, एनसीसी, स्काऊट एण्ड गाईड और स्कूली बच्चों सहित एनएसएस केडिटों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्च- पास्ट की सलामी ली। परेड़ का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों तथा अन्यों को पुरस्कार भी वितरित किए। बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती व मनसा राम, राज्य युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह, विधायक मोहन लाल बराक्टा, मुख्य सचिव वी.सी. फारका, पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, अन्य वरिष्ठ सिविल एवं पुलिस अधिकारी तथा शहर के गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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