ज़िला स्तरीय स्तनपान एवं जागरूकता शिविर आयोजितज़िला स्तरीय स्तनपान सप्ताह एवं जागरूकता शिविर

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आई 1 न्यूज़ ब्यूरो दिनांक 06.08.2016
ज़िला स्तरीय स्तनपान एवं जागरूकता शिविर आयोजितज़िला स्तरीय स्तनपान सप्ताह एवं जागरूकता शिविर आज सोलन ज़िले के कसौली में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने की।राकेश कंवर ने इस अवसर पर कहा कि मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान प्राकृतिक उपहार है। उन्होंने कहा कि जन्म के उपरान्त मां का पहला पीला गाढ़ा दूध शिशु के स्वास्थ्य के लिए उत्तम आहार माना गया है। इस पीले गाढ़े दूध को कोलोस्ट्रम कहा जाता है। इसमें 80 प्रतिशत जीवित कौशिकाएं होती हैं जो शिशु के शरीर निर्माण में सहायक बनती हैं। इस दूध से बच्चा अनेक रोगों से भी बचा रहता है। उन्होंने कहा कि इसे चिकित्सा जगत में शिशु का प्रथम टीकाकरण कहा गया है।उपायुक्त ने कहा कि स्तनपान जहां शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है वहीं यह मां के स्वास्थ्य के लिए भी उचित है। उन्होंने कहा कि स्तनपान करवाने वाली माताओं को स्तन, अण्डाश्य एवं बच्चेदानी के कैंसर के साथ-साथ खून की कमी तथा मोटापा होने का खतरा काफी कम हो जाता है। मां के दूध में सभी आवश्यक पौषक तत्व होते हैं और शिशु इसे आसानी से पचा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सकों को माताओं को स्तनपान करवाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।राकेश कंवर ने कहा कि विश्व स्तर पर शिशु को मां का दूध पिलाने के विषय में जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से विश्व स्तनपान सप्ताह आयोजित किया जाता है। हम सभी का यह कर्तव्य बनता है कि इस संबंध में भ्रांतियों का निराकरण करें एवं मां तथा शिशु को स्वस्थ रखने में सहायक बनें।उपायुक्त ने धर्मपुर विकास खण्ड की 18 पंचायतों में बेहतर बाल लिंगानुपात पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि ज़िले की सभी ग्राम पंचायतों को इन पंचायतों से सीख लेनी चाहिए और लिंगानुपात बेहतर करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में स्वच्छता अभियान को भी सफल बनाना होगा ताकि स्वच्छता और स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।
बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मपुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा विकास खण्ड धर्मपुर की ग्राम पंचायतों की वस्तुस्थिति से उन्हें अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि धर्मपुर विकास खण्ड की नालका, मंधाला, बरोटीवाला, ढकरयाणा, पट्टानाली, पट्टावारियां, रौड़ी, कोटबेजा, बुघार कनेता, चण्डी, जाबली, बनासर, नरायणी, प्राथा, टकसाल, कृष्णगढ़, कोट तथा गुल्हाड़ी में बाल लिंगानुपात 1000 के मुकाबले 1387 तक है। धर्मपुर तथा परवाणु में लिंगानुपात 950 से अधिक जबकि गोयला, घड़सी, आंजी मातला, जंगेशु, बढ़लग तथा जाडला में 900 से 950 के मध्य है। नैरी, भागुड़ी, हुड़ंग एवं गांगुड़ी में ये 900 तक है। उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों में लिंगानुपात कम है वहां इसे बेहतर करने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।उन्होंने नगेदर ठाकुर, इनरव्हील कसौली की अध्यक्ष अनुप कौर, रोटरी क्लब कसौली के अध्यक्ष मदन सिंह, कैंट बोर्ड कसौली के उपाध्यक्ष जसप्रीत सिंह, रमेश जैन, संदीप अग्रवाल, रमेश चोपड़ा, ग्राम पंचायत गड़खल सनावर के प्रधान राजेन्द्र शर्मा, कसौली कैंट बोर्ड के सदस्य राजीव भारती, सुलोचना, टेकचन्द द्वारा जागरूकता शिविर के आयोजन में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
ज़िला कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन नेगी, ज़िला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर एवं अन्य ने भी विषय पर सारगर्भित जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर बच्चों एवं महिलाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कसौली कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुज गोयल, बीडीसी धर्मपुर की अध्यक्ष नीता, केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान के निदेशक ए.के. तेहलन, तहसीलदार कसौली केशव राम, ग्राम पंचायत नाहरी के पूर्व प्रधान मनमोहन वशिष्ठ, राज कुमार सिंघला सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में महिलाएं इस अवसर पर उपस्थित थीं।

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