हरियाणा में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दर्द से जहाँ हरियाणा अभी तक भी उभर नहीं पाया है वहीं दूसरी तरफ हरियाणा अनुसूचित जाति वर्ग ने भी बड़े आंदोलन की चेतावनी दे डाली है

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हरियाणा में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दर्द से जहाँ हरियाणा अभी तक भी उभर नहीं पाया है वहीं दूसरी तरफ हरियाणा अनुसूचित जाति वर्ग ने भी बड़े आंदोलन की चेतावनी दे डाली है ।चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग – ए  के पदाधिकारियों ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया । उन्होंने कहा की  1 मई को अनुसूचित जातियों में वर्गीकरण लागु करने को लेकर रोहतक में महापंचायत में  42 जातियों के करीबन 150 पदाधिकारी हिस्सा लेंगे और मौजूदा हरियाणा सरकार को उनका चुनावी घोषणा पत्र याद दिलाया जायेगा । उन्होंने कहा की  अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वो मजबूरन सड़कों पर उतरेगे । इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्य मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सबसे कमजोर एवं निकम्मा मुख्य मंत्री बताया । 

विओ  – 

अनुसूचित जाति वर्ग ए  के प्रदेश अध्यक्ष स्वदेश कबीर ने कहा की हरियाणा की पूर्व कांग्रेस सरकार ने लगातार उन्हें गुमराह किया और जब जब उन्होंने मांग को लेकर आवाज उठाई उनपर लाठियां चलाई गई जिसके चलते ही उन्होंने एक जुट होकर कांग्रेस को उखाड़  फेंका था। उन्होंने कहा की बीजेपी ने उन्हें चुनावो से पहले वादा किया था की सरकार बनने के बाद अनुसूचित जातियों की वर्गीय व्यवस्था ए और बी को पुनः लागु कर देंगे जिसे कांग्रेस ने 2005 में ख़त्म कर दिया था ।  स्वदेश कबीर ने कहा की हरियाणा प्रदेश में वर्गीकरण को समाप्त करने से अनुसूचित जाति वर्ग ए में सम्मलित 42 जातियों में काफी रोष है । 2006 से ही वर्ग “ए ” के सदस्य धरनो, प्रदर्शन,पदयात्रा एवं अनशन के माध्यम से सरकार विरोधी नीतियों की लड़ाई लड़ रहे है । उन्होंने कहा की हरियाणा के पूर्व मुख्य्मंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा एवम् कांग्रेस के गैर अनुसूचित जाति नीतियों के कारण आज हरियाणा प्रदेश की अति दलित 42 जातियों में खासा रोष पैदा है  । हुड्डा एवम कांग्रेस सरकार सरकार ने राजनितिक षड्यंत्र रच जाटो को रिजर्वेशन का लाभ देने हेतु पहले तो अनुसूचित जातियों में फूट डालने के लिए अनुसूचित जातियों में जो वर्गीकरण वर्ग ए एवम बी  था  उसे समाप्त किया । वहीँ भाजपा सरकार ने भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में हरियाणा के अनुसूचित जाति वर्गीकरण को छह महीने के अंदर अंदर लागू करने का अनुसूचित वर्ग ए को वादा याद दिलाया । लेकिन अब तक़रीबन एक वर्ष बीत चूका है और खट्टर सरकार ने अनुसूचित जातियों में वर्गीकरण के बारे की तरफ कोई धयान नही दिया गया । सवदेश कबीर ने हरियाणा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा की यदि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अनुसूचित जातियों की मांगों का संज्ञान नही लिए तो वो भी सड़को पर उतरने के लिए मजबूर हो जायेंगे । 

   

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