राक गार्डन के निर्माता नेकचंद अब इस दुनिया में नहीं रहे।

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राक गार्डन के निर्माता नेकचंद अब इस दुनिया में नहीं रहे। राक गार्डन बनाकर नेकचंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न सिर्फ अपनी पहचान बनाई बलकि चंडीगढ़ को दुनियाभर में पहचान दिलाई। लेकिन इस राक गार्डन को बनाने में उन्हें काफी समय लगा और जब वह इसे बनाने लगे थे तब उन्हें खुद यकीन नहीं था कि वह इतना खूबसूरत राक गार्डन बनाएंगें जिसे लोग खूब पसंद करेंगे। राक गार्डन बनाने के लिए ही सिर्फ नेकचंद नहीं जाने जाते बलकि पूरे चंडीगढ़ को ही उन्होंने अपनी कलाकृतियों के द्वारा खूबसूरत बनाया। लेकिन राक गार्डन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई। राक गार्डन बनाने के पीछे उनकी क्या सोच थी और कितने वर्ष में इसे पूरा बना पाए आईए दिखाते हैं आपको इस स्पेशल रिपोर्ट में चंडीगढ़ के रॉक गार्डन के निर्माता नेक चंद का वीरवार देररात निधन हो गया। सिटीब्यूटीफुल को रॉक गार्डन के जरिए विश्व में पहचान देने वाले नेक चंद के चले जाने से चंडीगढ़ व चंडीगढ़ वालों को धक्का लगा है। रॉक गार्डन के इस निर्माता ने अभी अभी अपना 90 वां जन्म दिन मनाया था। वे कैंसर से पीडि़त थे। अपने 90 वें जन्म दिन पर उन्हें देखकर ऐसा नहीं लगता था कि वे हमें छोड़ कर चले जाएंगे। चंडीगढ़ को रिडिजाइन करने का श्रेय भी नेक चंद को जाता है 1947 के बाद नेक चंद चंडीगढ़ पहुंचे थे। नेक चंद का जन्म 15 दिसंबर 1924 बरियाला कलां जोकि अब पाकिस्तान में है हुआ था। नेक चंद को 1984 में पदम श्री से सम्मानित किया गया था। नेक चंद ने रोड इंस्पेक्टर के तौर पर पब्लिक वर्कस डिपार्टमेंट में भी अपनी सेवाएं दी है। उनके जाने से सिटीब्यूटीफुल को बहुत बड़ा धक्का लगा है। नेक चंद ने रॉक गार्डन के निर्माण के लिए 1958 में टूटा फूटा सामान इकट्टा करना शुरू किया था। जिससे रॉक गार्डन असिस्तव में आना शुरू हुआ। इससे न सिर्फ चंडीगढ़ का पर्यटन बड़ा बल्कि इसका विश्व में नाम हो गया। रॉक गार्डन के निर्माण के लिए नेक चंद ने रात रात को काम किया। उन्होंने चंडीगढ़ को एक अनमोल धरोहर दी। उनके देर रात निधन से चंडीगढ़ में शोक की लहर दौड़ गई।
वही दूसरी तरफ रोक गार्डन में सेलानिओ की भीड़ इस जगह बड़ी तादाद में गार्डन को देखने आ रही है । इस मोके पर यहाँ अलग अलग प्रान्तों से आये कई सेलानिओ ने नेक चाँद के निधन की खबर सुनने के बाद अपना शोक जाहिर किया सभी का यह केहना था की उनके द्वारा निर्माण किया गार्डन अपने आप में एक अदबुद मिसाल है । वेस्ट चीज़ों द्वारा बनाई कला कृतिया देख कर हर कोई नेक चाँद की तारीफ करता नज़र आ रहा  वही नेकचंद के निधन पर सुबह से ही उनके आवास पर आने जाने वालों का तांता लगा रहा। नेकचंद के दोस्त, प्रशासनिक अधिकारियों के इलावा कई अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे। और नेकचंद के निधन को बड़ी क्षति बताया। पंजाब के मीडिया सलाहकार विनीत जोशी ने कहा कि वह प्रशासन को पत्र लिखकर चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम नेकचंद के नाम पर रखे जाने की बात कहेंगें।

बाइट – केदारनाथ महाजन, राम मूर्ति महाजन, दोस्त

चीफ इंजीनियर एस.के.चड्डा, चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद, विनीत जोशी की।

कल सुबह 8बजे नेक चाँद की बॉडी को उनके निवास सेक्टर 27 में लाया जायेगा । उसके बाद 10 से 4 बजे तक उनकी बॉडी रॉक गार्डन में लोगों के दर्शनों के लिए रखी जयेगि शाम 5 बजे के बाद उनका अंतिम संस्कार किआ जायेगा । नेक चन्द के निधन के बाद आज ut ने छुटी भी कर दी है