अवैध कब्जे चंडीगढ़ प्रशासन के लिये बने सिरदर्द

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चंडीगढ़  05-06-2015      सरकारी कागजों में सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ के बारे में कहा जाता है कि यहां नियमों का बखूबी पालन किया एवं करवाया जाता है | नियमों को ताक पर रखने वालो के खिलाफ प्रशाशन, पुलिस एवं सम्बंधित विभाग सख्ती से कार्यवाही करते है लेकिन अगर शहर के असल हालतों का जायजा ले तो हकीकत कुछ और भी ब्यान करती है | दरअसल आज हम शहर के संपदा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही या यूँ कहे की कुम्भकर्णी नीदं एवं खामियों की बात कर रहे है | जो पुरे शहर से तो अवैध कब्जों एवं कालोनियों को हटाने का दावा करते है लेकिन उनके अपने प्लोटो पर कुछ लघु-उद्योग पतियों ने लम्बे समय से कब्ज़ा किया है | यह कोई एक दो नहीं बलिक दर्जन भर प्लाट है जिनपर कब्ज़ा कर लघु-उद्योग पति धड़ल्ले से अपना व्यवसाय चला रहे है | अब इसे संपदा विभाग के अधिकारियों की मदमस्त कुम्भकर्णी नींद का नतीज़ा कहे या फिर जानबूझ कर अनजान बनते हुए उद्योगपतियों पर की जा रही मेहरबानियों का सबब | जिसके चलते अरसे से यह लघु-उद्योग पति बेखोफ़ अंदाज से नियमों को ताक पर रखते हुए संपदा विभाग के प्लोटो पर कब्ज़ा किये हुए है |चंडीगढ़ के उद्योगिक क्षेत्र – 2 स्थित यह प्लाट बोली ना लगने की वजह से संपदा विभाग के कागजों में अरसे से खाली पड़े है लेकिन असल में इन प्लोटो पर कुछ लघु उद्योगपतियों का कब्ज़ा है | कब्ज़ा किये इन प्लोटो में सबसे पहले नम्बर आता है प्लाट नम्बर 534 एवं 549 का | जिस पर इन दिनों अलमारियां बनाने का काम किया जा रहा है | वही दुसरे नम्बर पर प्लाट नम्बर 563 में फोल्डिंग बनाने का कार्य किया जा रहा है | इस प्लाट को तो उद्योगपति ने पूरी तरह से अपना गोदाम भी बनाया हुआ है | वही तीसरे नम्बर पर नाम आता है प्लाट नम्बर 573, 608 एवं 612 का जिस पर इन दिनों मेज, कुर्सियां एवं ग्रिल बनाने का कार्य किया जा रहा है | वही आखिर में नम्बर आता है प्लाट नम्बर 571 का जिस पर एक कबाड़ी ने अपना पूरा कारोबार बसाया हुआ है यानी इस प्लाट पर कबाड़ी ने अपनी दूकान बनाई हुई है | इसके इलावा भी कई ऐसे प्लॉट्स है जिनपर या तो अवैध कब्ज़ा है या फिर नियमों को ताक पर रख कर दो मंजिला इमारते बनाई गई है | इस पुरे प्रकरण की जानकारी शहर के ही रहने वाले अमरजीत सिंह ने प्रशासक के सलाहकार विजय देव को पत्र से माध्यम से दी जा चुकी है लेकिन अमरजीत सुरक्षा के लिहाज से कैमरे पर आकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है |वही इस पुरे प्रकरण को लेकर जब प्रशासक के सलाहकार विजयदेव से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन के द्वारा एक्शन प्लान बना लिया गया है इनक्रोचमेंट ड्राइव चलाने के लिए तिथियां भी निर्धारित की जा चुकी है और जल्द ही इन प्लॉट्स को कब्ज़ा मुक्त कर दिया जाएगा |

बाईट … विजय देव चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार

बहरहाल इस पुरे घटनाक्रम को देखने के बाद सवाल यही उठता है कि पहले क्यों नहीं प्रशासन एवं संपदा विभाग के अधिकारियों के द्वारा इस दिशा में कोई कदम उठाये गए और नियमों को ताक पर रख कर संपदा विभाग के प्लोटो पर कब्ज़ा करने वाले उद्योगपतियों के खिलाफ कार्यवाही की गई | मीडिया एवं शहरवासियों की दखल के बाद ही प्रशासन क्यों जागा |

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