school buses strike

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ट्राईसिटी चंडीगढ की सुबह सकूल बस आपरेटरों की मनमानी हडताल एंव स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों के परेशानी भरे सबब से गुलजार हुई। स्कूल बस आपरेटर यूनियन  के हड़ताल पर जाने का  धमकी भरा फैसला अभिभावकों पर भारी पड़ गया। सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। कोई कारों में तो कोई स्कूटर मोटरसाईकिल पर तो कोई आटोरिक्शा में अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाता नजर आया। आपको बता दें स्कूल बस आपरेटर यूनियन की यह हड़ताल ट्राईसिटी के स्कूलों के लिए अनिशिचतकाल के लिए की गई है।  यह हड़ताल पॉक्सो एक्ट बदलने के लिए की गई है। गौरतलब है कि बीते दिनों  स्टेपिंग स्टोन्स स्कूल सेक्टर-38 की बस में पांच साल की बच्ची के साथ कंडक्टर द्वारा छेड़छाड़ करने के मामले में चंडीगढ़ कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने स्कूल के प्रिंसिपल और बस कॉन्ट्रेक्टर पर भी पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए थे जिसको लेकर बस आपरेटरों ने रविवार को हड़ताल पर जाने का फैसला किया था। बसों की हड़ताल से अभिभावक काफी परेशान दिखे। क्योकि कुछ एक अभिभावक ऐसे थे जिन्हें बस आपरेटर्स द्वारा की जा रही हड़ताल का पता तक नहीं था। जब सुबह स्कूल की बसें बच्चों को लेने नहीं आई तब जाकर अभिभावकों को आनन फानन में अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाना पड़ा। इस बाबत जब अभिभावकों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि बस आपरेटर्स की हडताल से उन्हे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होने कहा कि स्टैपिंग स्कूल में जो भी घटना हुई उसमे जो भी दोषी है उस पर कड़ी कारवाई करनी चाहिए। और जो भी ऐसी हरकत करता है उसे सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए।

बाइट – हरप्रीत  सिंह वालिया