मुख्यमंत्री द्वारा भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के अवसर पर लोगों को बधाई, आदि कवि की महान शिक्षाओं पर अमल करने का आह्वान

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  आई 1 न्यूज़ 20 अक्तूबर 2021 ( अमित सेठी ) दुनिया के कोने-कोने में भगवान वाल्मीकि जी की बहुमूल्य देन का प्रसार करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर में स्थापित भगवान वाल्मीकि जी चेयर के लिए सालाना 5 करोड़ रुपए के अनुदान का ऐलान किया।
राज्य के सर्वपक्षीय विकास में वाल्मीकि भाईचारे के अपार योगदान को देखते हुए मुख्यमंत्री ने महान सिख योद्धा और सिखों के दसमेश पिता श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के अनन्य सेवक शहीद बाबा जीवन सिंह जी (भाई जैता जी) के नाम पर भी एक चेयर स्थापित करने का ऐलान किया। ध्यान देने योग्य है कि बाबा जीवन सिंह जी ने मुग़ल हकूमत के ज़ुल्म की परवाह न करते हुए श्री गुरु तेग़ बहादुर जी का शीश चाँदनी चौक दिल्ली से श्री आनन्दपुर साहिब लाया था।
राज्य स्तरीय समागम दौरान जलसे को संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों को करुणा सागर भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के शुभ अवसर पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाबा जीवन सिंह जी के नाम पर स्थापित होने वाली चेयर को भी हर साल 5 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा जिससे इस महान सिख योद्धा के फलसफे और शिक्षाओं पर शोध हो सके।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भगवान वाल्मीकि जी संस्कृत भाषा के पितामह थे और दुनिया के पहले कवि या आदि कवि थे जिन्होंने अपनी अमर रचना रामायण के द्वारा बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। उन्होंने आगे कहा कि इस महान महाकाव्य ने लोगों को सदियों तक जीवन का मार्ग सिखाया है और मौजूदा पदार्थवादी समाज में नैतिक जीवन जीना और नैतिक मूल्यों का प्रकाशस्तंभ है।
लोगों को भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए उच्च आदर्शों पर चलने के लिए कहते हुए जिससे एक समतावादी समाज का निर्माण हो सके, मुख्यमंत्री ने लोगों को कहा कि शान्ति, सद्भावना और भाईचारे की भावना को मज़बूत करना समय की ज़रूरत है।
विभिन्न विभागों में एक लाख से अधिक पद भरने के लिए बड़े स्तर पर मुहिम शुरू करने का संकल्प करते हुए चन्नी ने बताया कि ये सभी पद केवल मेरिट के आधार पर पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग के साथ भरे जाएंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उम्मीदवारों और उनके माता-पिता को इस संबंधी असामाजिक तत्वों को पैसे देने के जाल में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कैबिनेट द्वारा हाल ही में किये गए एक अहम फ़ैसले में ग्रुप डी के मुलाजिमों की भर्ती आउट सोर्सिंग के द्वारा करने की प्रणाली को ख़त्म कर दिया गया है और भविष्य में ऐसे मुलाजिमों की भर्ती बाकी दूसरी श्रेणियों के मुलाजिमों की तरह रेगुलर आधार पर होगी।
राज्य के खजाने में से राहतें प्रदान करने के लिए अपनी सरकार को निशाना बनाने वाले विरोधियों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों का पैसा लोगों की भलाई हेतु ख़र्च करने संबंधी बिल्कुल स्पष्ट हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सरकारी खजाने की खुली लूट के लिए आड़े हाथों लेते हुए स. चन्नी ने कहा कि वह कम-से-कम सरकारी फंड ज़रूरतमंदों और गरीबों की भलाई के लिए तो ख़र्च रहे हैं जबकि अकालियों ने तो अपने संकुचित निजी हितों के लिए राज्य को नाजायज ढंग से लूटा था।
लोगों के साथ झूठे वादे करने के लिए आम आदमी पार्टी की आलोचना करते हुए चन्नी ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने साधारण जैसे व्यक्ति को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाकर अपनी दृढ़ता का प्रदर्शन किया है।
सफ़ाई सेवकों की लंबे समय से चली आ रही माँग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि इन मुलाजिमों को भी हफ्ते में एक छुट्टी मिलेगी और इसके अलावा अन्य सरकारी मुलाजिमों के बराबर सभी गज़टिड छुट्टियाँ भी मिलेंगी।
समाज के ग़रीब और आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्गों की हालत को समझते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी पंचायतों को विस्तृत दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं कि बेघर लोगों को जल्द ही 5 मरले के प्लॉट अलॉट कर दिए जाएँ। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि दीवाली वाले दिन वह और उनके कैबिनेट साथी और विधायक निजी तौर पर दीये जलाकर बसेरा स्कीम के योग्य लाभार्थीयों को आंशिक तौर पर मालिकाना हक देने की शुरुआत करेंगे।
पहले ही शुरू की जा चुकीं ग़रीब हितैषी पहलकदमियों को लागू किये जाने के अपनी सरकार के फ़ैसले को फिर से दोहराते हुए चन्नी ने कहा कि 2 किलोवाट तक के बिजली बिल के बकाए सभी वर्गों के लिए माफ किये जाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और इससे सरकारी खजाने पर 1200 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट द्वारा सभी ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए मुफ़्त बिजली के फ़ैसले को मंज़ूरी दी गई है और अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को 166 रुपए प्रति माह की जगह सिर्फ़ 50 रुपए ही अदा करनेे पड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में 125 वर्ग गज से अधिक प्लॉटों वाले समूह वर्गों के घरेलू कनेक्शनों के लिए पानी के इस्तेमाल की दर घटाकर 50 रुपए प्रति माह कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू कनेक्शनों के लिए जलापूर्ति और सिवरेज की दरों के बकाए भी माफ कर दिए गए हैं।
इस मौके पर अपने संबोधन में पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा के. पी. सिंह ने भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के अवसर पर बधाई दी और लोगों को भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं पर अमल करने के लिए कहा जिससे एक अच्छे समाज का निर्माण किया जा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा स. चन्नी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना सामाजिक न्याय वाली सोच का प्रतीक है जिसका प्रचार भारतीय संविधान के रचयिता बाबा साहेब डॉक्टर बी आर अम्बेडकर ने किया था।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ओ पी सोनी ने इस पवित्र अवसर पर लोगों को बधाई दी। उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा उठाए गए ग़रीब वर्ग हितैषी कदमों की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि अकालियों के 10 सालों में किये गए कामों की बजाय चन्नी सरकार द्वारा 10 दिनों में किया गया प्रदर्शन बेहतर है।
इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. राजकुमार वेरका ने बधाई देते हुए कहा कि यदि अकाली यह सोचते हैं कि वह अगली सरकार बना लेंगे तो वह भ्रम में हैं क्योंकि वास्तव में कांग्रेस पार्टी 2022 का विधानसभा चुनाव चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में लड़ेगी और स. चन्नी अगले मुख्यमंत्री होंगे क्योंकि कांग्रेस बहुत उत्साह में है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल कंपलैक्स में 25 करोड़ रुपए की लागत के साथ बनाए जाने वाले अत्याधुनिक पैनोरामा का नींवपत्थर रखा। इस पैनोरामा में कई विशेष तकनीकों का इस्तेमाल किया जायेगा जिनमें ऑगमेंटिड रिएलिटी, प्रोजैक्शन मैपिंग, सीनोग्राफी, हॉलोग्राफिक स्क्रीन प्रोजैक्शन शामिल होंगे जिनके चलते विभिन्न गैलरियाँ आकर्षण का केंद्र बनेंगी। उन्होंने भगवान वाल्मीकि जी के मंदिर के बाहरी हिस्से के प्रकाश व्यवस्था के कार्य का भी उद्घाटन किया जिस पर 4 करोड़ रुपए का ख़र्च आया है।
भगवान वाल्मीकि स्थल के संपूर्ण विकास के लिए कई ऐलान करते हुए चन्नी ने कहा कि भगवान वाल्मीकि मंदिर में स्थित पवित्र सरोवर के जल की शुद्धता बरकरार रखने के लिए 3.50 करोड़ रुपए की लागत के साथ एक फिल्टरेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है जो कि इस साल 15 दिसम्बर तक पूरा हो जायेगा। उन्होंने आगे बताया कि सार्वजनिक पाखानों, चारदीवारी, कँटीली तारबन्दी, परिक्रमा का बाकी रहता काम और अन्य सिविल कार्य 4.14 करोड़ रुपए की लागत के साथ 31 दिसंबर, 2021 तक पूरे हो जाएंगे। इसी तरह भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल में सराय के लिए भी ज़रूरी सामान मुहैया करवाया जा रहा है जिस पर 1.50 करोड़ रुपए का ख़र्च आएगा।

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