ओलम्पिक के लिए पंजाब का दूसरा सबसे बड़ा दल जाने पर खेल मंत्री ने अधिक से अधिक मैडल जीतने की उम्मीद जताई।

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आई 1 न्यूज़ चंडीगढ़, 12  जुलाई: (अमित सेठी)  ओलम्पिक के लिए पंजाब का दूसरा सबसे बड़ा दल जाने पर खेल मंत्री ने अधिक से अधिक मैडल जीतने की उम्मीद जताई कहा, ओलम्पिक के लिए हमारी तैयारी वैश्विक मापदण्डों अनुसार पूरी ओलम्पिक के लिए पंजाब के खिलाडिय़ों की तैयारी को वैश्विक मापदण्डों के मुताबिक बताते हुए खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने भरोसा जताया कि जापान के टोकियो में इस साल 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होने वाले ओलम्पिक खेलों में पंजाब के एथलीट एक बार फिर से देश और राज्य का नाम रौशन करेंगे क्योंकि इन खेलों के लिए पंजाब देशभर में से दूसरा सबसे बड़ा दल भेज रहा है। एक प्रैस बयान में ओलम्पिक के लिए चुने गए खिलाडिय़ों को शुभ कामनाएँ देते हुए राणा सोढी ने कहा कि भारत अब तक का 117 खिलाडिय़ों का सबसे बड़ा दल ओलम्पिक के लिए भेज रहा है, जिनमें से 14 प्रतिशत खिलाड़ी पंजाब के हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब के खिलाड़ी कम से कम तीन से चार ओलम्पिक मैडल जीत कर लाएंगे क्योंकि हरियाणा के बाद दूसरे नंबर पर सबसे अधिक खिलाड़ी पंजाब के जा रहे हैं।
खेल मंत्री ने खिलाडिय़ों को सरकार की तरफ से पूर्ण सहायता और सुविधाएं प्रदान करने का भरोसा दिया और कहा कि हम इन खिलाडिय़ों की वित्तीय और अन्य ज़रूरतों का ध्यान रखेंगे। उन्होंने टोकियो जाने वाले खिलाडिय़ों के विवरण देते हुए बताया कि हरमनप्रीत सिंह, रुपिंदरपाल सिंह, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, शमशेर सिंह, दिलप्रीत सिंह, गुरजंट सिंह, मनदीप सिंह और गुरजीत कौर (हॉकी), अंजुम मौदगिल और अंगद वीर सिंह (शूटिंग), सिमरनजीत कौर (मुक्केबाज़ी), कमलप्रीत कौर, तेजिंदरपाल सिंह तूर और गुरप्रीत सिंह (एथलैटिक्स) में क्वालीफाई हुए हैं।
एक और अच्छी ख़बर साझा करते हुए राणा सोढी ने बताया कि पंजाब को 21 साल बाद ओलम्पिक में हॉकी टीम की कप्तानी मिली है और पंजाब पुलिस के डी.एस.पी. मनप्रीत सिंह टोकियो ओलम्पिक में कप्तान के तौर पर भारतीय हॉकी टीम का नेतृत्व करेंगे। वह भारतीय टुकड़ी के ध्वजवाहक भी होंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और पंजाबी ओलम्पिक्स के लिए भारत की पदक तालिका में पंजाब को शीर्ष राज्यों में देखने की उम्मीद करते हैं। पंजाब को खेल के क्षेत्र में अगुआ बनाने की योजना पहले से ही लागूकरण के विभिन्न चरणों पर है, जिसका मोटो ‘‘कैच-दैम-यंग’’ है। कई प्रतिभाशाली नौजवानों की पहचान की गई है और विभाग ने ज़मीनी स्तर पर नौजवानों की प्रतिभा को पहचानने की पहल की है। नौजवानों की प्रतिभा को निखारने और उनको बड़े मुकाबलों के लिए तैयार करने के लिए शीर्ष प्रशिक्षकों का सहयोग लिया जा रहा है।
राणा सोढी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमैंट जैसे विभिन्न राष्ट्रीय प्रोग्रामों के अलावा ज़मीनी स्तर पर प्रेरणा देने के उपायों के ज़रिये पंजाब में खेल संस्कृति को प्रफुल्लित करने के लिए ठोस यत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत खासकर पंजाब में प्रतिभा की काई कमी नहीं है। हालाँकि खेल को गर्व और सत्कार के साथ करियर का मौका बनाने के लिए विशेष यत्नों की ज़रूरत है।

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