एन.सी.आर.बी. की तरफ से विभिन्न आई.टी. प्रोजैक्टों और ऐनालिटीकल टूल सफलतापूर्वक लागू करने के लिए पंजाब पुलिस की सराहना

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आई 1 न्यूज़ चंडीगढ़10  जुलाई 2021 (अमित सेठी ) एन.सी.आर.बी. की तरफ से विभिन्न आई.टी. प्रोजैक्टों और ऐनालिटीकल टूल सफलतापूर्वक लागू करने के लिए पंजाब पुलिस की सराहना पंजाब प्रौद्यौगिकी आधारित पुलिसिंग की मिसाल – डायरैक्टर एन.सी.आर.बी डी.जी.पी. ने डाटाबेस तक आसान पहुँच के लिए सभी वैब आधारित सॉफ्टवेयर साॅल्यूशन ऐपलीकेशनों को मोबाइलों में शामिल करने का दिया सुझाव राष्ट्रीय अपराध रिकाॅर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने आज राष्ट्रीय फलैगशिप प्रोजैक्ट-क्राइम एंड क्रिमीनल ट्रेकिंग नैटवर्क एंड सिस्टम (सी.सी.टी.एन.एस.) को सफलतापूर्वक लागू करने और राज्य पुलिस की जरूरतों के मुताबिक इसको और अनुकूल बनाने के लिए पंजाब पुलिस के यत्नों की सराहना की। डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डी.जी.पी.), पंजाब दिनकर गुप्ता, जिनके साथ इस मौके पर एन.सी.आर.बी. के डायरैक्टर राम फल पवार और ए.डी.जी.पी. तकनीकी सेवा कुलदीप सिंह भी मौजूद थे, ने एन.सी.आर.बी. द्वारा मुहैया करवाए जा रहे विभिन्न उपायों और पहलकदमियों की पेशकारी देने के लिए एक उच्च स्तरीय मीटिंग की।

एन.सी.आर.बी. के डायरैक्टर राम फल पवार ने डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता और उनकी टीम द्वारा किये गए यत्नों के लिए उनका धन्यवाद करते हुये कहा कि एन.सी.आर.बी. को पंजाब पुलिस के साथ जुड़े होने पर मान है, जिसने पंजाब के सभी पुलिस थानों में सी.सी.टी.एन.एस. लागू करके शानदार कारगुजारी दिखाई है और प्रौद्यौगिकी आधारित पुलिसिंग में अन्यों के लिए एक मिसाल बन कर सामने आई है।

सी.सी.टी.एन.एस. एक साफ्टवेयर एप्लीकेशन है जिसका उद्देश्य देश के सभी थानों में अपराध के ढंगों और अपराधिक आंकड़ों को साझा करके पुलिसिंग की कुशलता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक व्यापक और एकीक्रित प्रणाली तैयार करना है। एप्लीकेशन को एन.सी.आर.बी. के द्वारा 2009 में लांच किया गया था।
एन.सी.आर.बी के डायरैक्टर ने पंजाब पुलिस की सराहना करते हुये कहा कि पंजाब पहला राज्य है जिसने प्रगति सी.सी.टी.एन.ऐस. डैशबोर्ड पर 94 प्रतिशत स्कोर करने के इलावा सी.ओ.जी.एन.ओ.एस – जो कि एक बिजिनेस इंटेलिजेंस टूल और अपराधिक घटनाओं पर प्रीडिकटिव पुलिसिंग का जी.आई.एस. आधारित भू स्थानिक विश्लेषण है, को लागू किया है।
पंजाब पुलिस की तरफ से किये आई.टी. प्रयासों की सराहना करते हुए डायरैक्टर राम फल पवार ने कहा कि पंजाब पहला राज्य है जिसने मल्टी-प्रोटोकोल लेबल स्विचिंग (एम.पी.एल.एस.) नैटवर्क सिमूलेटर का प्रयोग करते हुये अपने सभी थानों, जिला हैड्डकुआरटरों और पंजाब पुलिस हैड्डकुआरटरों को 10 एम.बी.पी.एस. से 1जी.बी.पी.एस. तक की उच्च इन्टरनेट स्पीड के साथ लैस किया है।
उन्होंने खास तौर पर सब -इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह के बारे भी बताया जिन्होंने देश में सी.सी.टी.एन.एस. हैकाथौन एंड साईबर चैलेंज -2021 में पहला स्थान हासिल किया था। जिक्रयोग्य है कि पंजाब पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में एन.सी.आर.बी. की तरफ से नयी दिल्ली में आयोजित की गई राष्ट्रीय स्तर की गुड्ड प्रेक्टिसिज कान्फ्रेंस 2020 में तीन पुरुस्कार भी जीते थे।
डीजीपी पंजाब श्री दिनकर गुप्ता ने ब्यूरो की तरफ से क्राई-मैक समेत पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए की जा रही नयी पहलकदमियों को दर्शाती शानदार पेशकारी के लिए पंजाब पुलिस के पास पहुँच बनाने के लिए एन.सी.आर.बी. का धन्यवाद किया, जो विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों के दरमियान घिनौने अपराधों सम्बन्धी जानकारी साझा करने की सुविधा देता है।
उन्होंने इन सभी वैब आधारित साफ्टवेयर सल्यूशनों को मोबायलों पर लाने का सुझाव भी दिया जिससे यह पुलिस अधिकारियों के लिए आसान और उपभोक्ता -समर्थकी बन सके, जो जांच में पुलिस की सहायता करेगा।
डीजीपी श्री दिनकर गुप्ता ने कहा, ‘नागरिकों के लिए भी मोबाइल एप्लीकेशन होनी चाहिए जहाँ वह किसी भी किस्म की जानकारी या भगौड़े अपराधियों, घट रहे किसी अपराध या लापता व्यक्तियों आदि से सम्बन्धित जानकारी सांझा कर सकें।’
एडीजीपी तकनीकी सेवाएं कुलदीप सिंह ने आई.टी. सैक्टर में पंजाब पुलिस की प्राप्तियों के बारे पेशकारी दी, जिसमें सी.सी.टी.एन.एस. मोबाइल एप्लीकेशन, थानों और जिले की हदों की जीओफैंसिंग ; दो-भाषाई फोनेटिक सर्च और विलेज इंफारमेशन सिस्टम (वी.आई.एस) शामिल हैं। उन्होंने इन पहलकदमियों के लागूकरण में पंजाब पुलिस को पेश आ रही चुनौतियों के बारे भी बताया।
इस दौरान एन.सी.आर.बी. ने अपनी विभिन्न पहलकदमियों की तकनीकी विशेषताएं और इन पहलकदमियों के साथ प्रयोक्ताओं को होने वाले लाभ सम्बन्धी पेशकारी दी। इन पहलकदमियों में सी.सी.टी.एन.एस., नेशनल आटोमैटिक फिंगरप्रिंट आईडैंटीफीकेशन सिस्टम (एन.ए.एफ.आई.एस.), लापता व्यक्ति सम्बन्धी डाटाबेस, चोरी के वाहनों सम्बन्धी डाटाबेस, इंटर -ओपरेबल क्रिमीनल जस्टिस सिस्टम (आई.सी.जे.एस.), क्राई-मैक, नेशनल साईबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एन.सी.आर.बी.), नेशनल डिजिटल पुलिस पोर्टल, युनीफाई एप, नेशनल साईबर क्राइम ट्रेनिंग सैंटर और यौन अपराध के लिए इन्वेस्टिगेशन ट्रेकिंग सिस्टम शामिल हैं।
इस मीटिंग में दूसरों के अलावा डिप्टी डायरैक्टर सी.सी.टी.एन.एस. श्री प्राशुन गुप्ता, सीनियर टैक्निकल अफसर एन.सी.आर.बी. श्री अरुण देव पांडे और पंजाब पुलिस के ए.डी.जी.पीज और आई.जीज़ शामिल थे जबकि सी.पीज/एस.एस.पीज़ समेत पंजाब पुलिस के 100 से अधिक सीनियर अधिकारियों ने वीडियो कान्फ्रेंस के द्वारा मीटिंग में सम्मिलन किया।

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